कबाड़ और वास्तु

घर का कबाड़ और वास्तुशास्त्र :-

Dr.R.B.Dhawan (editor – Aap ka bhavishya.in), Astrological consultant

संग्रह करना मानव के स्वभाव में है। यह संग्रह किसी भी प्रकार हो सकता है जैसे धन, आभूषण, कपड़े, फर्नीचर, सुंदर वस्तुएं, कबाड़ इत्यादि। घर का कबाड़ वह होता है जिसकी जरूरत कभी-कभार ही पड़ती है परंतु कब पड़ जाये कुछ कहा नहीं जा सकता। इसलिये इसे घर से निकालते समय मन में विचार रहता है कि शायद किसी समय इसमें से किसी वस्तु की आवश्यकता पड़ जाये और सच में देर-सबेर उनकी जरूरत पड़ भी जाती है। इस प्रकार के अनचाहे घरेलू सामान के संग्रह को ही कबाड़ कहा जाता है। घर का कबाड़ कहां और किधर रखा है। उससे उस घर में रहने वालों की आर्थिक, मानसिक और शारीरिक स्थिति का पता चल जाता है। आइये देखते हैं कि, किस तरह से घर में रखे कबाड़ का प्रभाव वहाँ रहने वालों के जीवन पर पड़ता है –

पूर्व:- घर की इस दिशा में घर का कबाड़ भरा हो तो घर के मालिक को किसी अनहोनी का सामना करना पड़ता है।
आग्नेय:- इस स्थान पर घर का कबाड़ रखने से घर के मुखिया की आमदनी घर के खर्चे से कम होने के कारण उस पर कर्ज बना रहता है।

आग्नेय:- यहां बहुत ऊर्जा रहती है, यदि यहां कबाड़ रखा जाता है तो, इस दिशा में शनि की विशेष वस्तुओं को नहीं रखें, शनि की विशेष वस्तुओं में – लकड़ी, लोहा और किसी भी तरह का तेल या पेट्रोलियम प्रोडक्ट आता है। इलैक्ट्रिक या इलैक्ट्रोनिक वस्तुओं, खाली सेलेन्डर, चूल्हा रख सकते हैं।

दक्षिण:- यहाँ बेडरूम में कबाड रखा जाये या बर्तन, लकड़ी का सामान, घड़े इत्यादि रखे जायें तो मालिक के भाई को कठिनाईयां और खतरों का सामना करना पड़ता है। घर का मुखिया की बातचीत में घमंड और अंहकार झलकता है और वह आगे जाकर शक्ति विहीन होकर अशांत रहता है।

नैऋत्य:- घर में कबाड़ रखने का सबसे उत्तम स्थान यही होता है। परंतु ध्यान रहे यहाँ पर किसी प्रकार की नमी या सिलन नहीं रहनी चाहिये और कमरे में रोशनदान अवश्य होना चाहिये। यदि यहाँ कम रोशनी या अंधेरे के साथ नमी हो और कबाड़ भी रखा गया हो तो ऐसी स्थिति में घर वालों को यहाँ भूत-प्रेत होने का एहसास होता है।

पश्चिम:- इस दिशा में यहाँ पर पुरानी त्यागी हुई वस्तुयें रखी जायें। खिड़की दरवाजे टूटी-फूटी हालत में हो, दीवारे खराब हों तो यहाँ रहने वाले हर कार्य को बहुत धीरे-धीरे करते है और उनमें समझ की कमी होती है। आमदनी का जरिया धोखा और फरेब होता है और घर का मुखिया गलत लोगों के संगत में रहता है और परिवार में हमेशा विवाद होते हैं और आरोप लगते रहते हैं।

वायव्य:- घर की इस दिशा में यदि कबाड़ रखा जाता है तो उस घर के मुखिया को अपने मित्रों की शत्रुता की जिम्मेदारी स्वयं उठानी पड़ती है। मुखिया को मानसिक अंशाति और उसका मन विचलित रहता है। उसकी माँ को कफ एवं कोल्ड और गैस की शिकायत रहती है। यह स्थिति यह भी दर्शाती है कि घर का मुखिया बहुत दूर से यहाँ आकर बसा है।

उत्तर:- यहाँ पर कबाड़ रखा गया हो तो मुखिया को उसके भाईयों से खुशियां कम प्राप्त होती है और उसका सबसे छोटा भाई मानसिक विक्षिप्त हो सकता है।

ईशान:- यहाँ पर यदि कबाड़ रखा जाये तो घर में रहने वाले नास्तिक होते हैं और इनको भगवान में श्रद्धा नहीं होती। उन्हें जोड़ों में दर्द की समस्या रहती है। घर के अंदर मुख्यद्वार के बाँये हाथ के कमरे में कबाड़ पड़ा रहता हो तो उस घर की महिला की आँखों में तकलीफ होती है और पति-पत्नी में आपसी तालमेल एवं सहयोग बड़ा साधारण रहता है। जिस घर में कबाड़ रखने का कमरा अन्य कमरों की तुलना में बड़े रहते है साथ ही वहाँ पर अंधेरा भी रहता है। वहाँ रहने वाले कुछ इस तरह के बेवकूफों जैसे कार्य करते है कि उनकी लोगों के साथ शत्रुता हो जाती है।

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