सरकारी नौकरी का योग

Dr.R.B.Dhawan

पराशरी ज्योतिष के सिद्धांत अनुसार सूर्य को ग्रहों का राजा कहा गया है, राजा अनेक प्रकार से सिद्ध होता है जैसे :- शरीर में सिर और मस्तिष्क जिनका कारक सूर्य है, अर्थात- शरीर पर सिर और मस्तिष्क शासन करते हैं। और सिर व मस्तिष्क पर आत्मा का शासन है। ठीक इसी प्रकार शहर पर विधायक, जिले पर सांसद और सांसदों पर मंत्री, मंत्रीमंडल पर प्रधानमंत्री का शासन होता है, इन सब का सहयोग करते हैं प्रशासनिक अधिकारी। इस प्रकार सूर्य को सौर परिवार का राजा या प्रशासन से सम्बंध रखने वाले ग्रह के रूप में जाना जाता है। सूर्य का लग्न, धन, चतुर्थ तथा कर्म से सम्बंध या इनके मालिक के साथ सम्बंध सरकारी नौकरी की स्थिति दर्शाता है। जन्म कुंडली में सरकारी नोकरी के मामले में सूर्य की विभिन्न स्थितियां इस प्रकार फलदायी होती है :–

1- लग्न पर बैठे किसी ग्रह का प्रभाव व्यक्ति के जीवन में सबसे अधिक प्रभाव रखने वाला माना जाता है। लग्न पर यदि सूर्य स्थित हो तो व्यक्ति शाोषण से जुडता है और अत्यधिक नाम कमाने वाला होता है।

2- सूर्य की दशम भाव पर दृष्टी या दशमेश के साथ युति सरकारी क्षेत्र में सफलता दर्शाती है। यहां चंन्द्रमा हो तो, चंद्रमा चंचल तथा अस्थिर ग्रह है, जिस कारण जातक को नौकरी मिलने में थोडी परेशानी आती है। ऐसे जातक नौकरी मिलने के बाद स्थान परिवर्तन या बदलाव के दौर से बार-बार गुजरते हैं।

3- सूर्य धन स्थान पर स्थित हो तथा दशमेश को देखे तो व्यक्ति को सरकारी क्षेत्र में नौकरी मिलने के योग बनते हैं। ऐसे जातक खुफिया ऐजेंसी या गुप-चुप तरीके से कार्य करने वाले होते हैं।

4-सूर्य तथा चंद्र की स्थिति दशमांश कुंडली के लग्न या दशम स्थान पर होने से व्यक्ति राज कार्यो में व्यस्त रहता है ऐसे जातको को बडा औहदा भी प्राप्त होता है।

5- यदि ग्रह अत्यधिक बली हो तब भी वें अपने क्षेत्र से सम्बन्धित सरकारी नौकरी दे सकते है। मंगल सैनिक, या उच्च अधिकारी, बुध सी.ए., एकाऊंट, गुरु- शिक्षा, बैंक या इंश्योरेंस, शुक्र फाइनेंस सम्बंधी तो शनि अनेक विभागो में जोडने वाला प्रभाव रखता है।

6-सूर्य का चतुर्थ प्रभाव भी जातक को सरकारी क्षेत्र में नौकरी प्रदान करता है। इस स्थान पर बैठे ग्रह सप्तम दृष्टि से कर्म स्थान को देखते हैं।

7- सूर्य यदि दशम भाव में स्थित हो तो व्यक्ति को सरकारी कार्यो से अवश्य लाभ मिलता है। ऐसे योग राजनीति में भी सफलता दिलाने वाले होते हैं। दशम स्थान कर्म का स्थान हैं। इस स्थान पर सूर्य का स्थित होना व्यक्ति को सरकारी क्षेत्रो में अवश्य लेकर जाता है। सूर्य दशम स्थान का कारक होता है जिस कारण इस भाव के फल मिलने के प्रबल संकेत मिलते है।

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