नरेंद्र मोदी की कुण्डली में विदेश यात्रायें Modi Kundli & Travelling

मित्रों यूं तो सभी प्रधान मंत्रीयों की विदेश यात्रायें होती ही रहती हैं, क्योंकि राजनेता राजनैतिक विदेश यात्रायें करते रहते हैं, अर्थात् विदेश यात्रायें राजनेताओं की कुण्डली में होती ही हैं, परंतु प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी (Narendra Modi) की कुण्डली( modi kundli) में कुछ अधिक ही विदेश यात्राओं के योग हैं। इससे पूर्व जो 18 प्रधानमंत्री हुये हैं, उनमें से अधिकांश ने भी अपने कार्यकाल में राजनैतिक कारणों से विदेश यात्रायें की होंगी। परंतु वर्तमान प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं के कारण कुण्डली के कुछ ऐसे ग्रह हैं जो सामान्य से अधिक विदेश यात्रायें करवाने वाला योग बनाते हैं? इस ज्योतिषीय लेख में मैं श्री नरेन्द्र मोदी जी की जन्म कुण्डली (modi kundli) के आधार पर राजनैतिक विदेश यात्राओं का विशलेषण कर रहा हूँ। किन ज्योतिषीय कारणों से वर्तमान प्रधानमंत्री अनेक देशों की यात्रायें करते हैं?

श्री नरेन्द्र मोदी की जन्म तिथि 17 सितम्बर 1950 है, जन्म समय 11 बजे प्रातः तथा जन्म स्थान मेहसाना (गुजरात) है।

श्री नरेन्द्र मोदी की लग्न कुण्डली व नवांश कुण्डली
Narendra Modi Kundli ( Lagn & Navansha)
Modi Kundli

 

यह कुण्डली वृश्चिक लग्न की कुण्डली(modi kundli) है। इस कुण्डली के प्रथम स्थान में चन्द्रमा और मंगल स्थित हैं। चतुर्थ में गुरू, पंचम में राहु की स्थिति है, शनि और शुक्र दशम स्थान में तथा सूर्य, बुध व केतु एकादश स्थान में स्थित हैं।

किसी भी कुण्डली में विदेश यात्राओं का विचार द्वादश स्थान से किया जाता है। विदेश का कारक ग्रह शनि है। आधुनिक आर्थिक सम्पन्नता का कारक ग्रह शुक्र तथा राजनीति का ग्रह सूर्य है।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की कुण्डली में विदेश का स्थान (द्वादश) तथा व्यापार स्थान (सप्तम) का स्वामी तथा आधुनिक आर्थिक सम्पन्नता का कारक ग्रह शुक्र विदेश के कारक ग्रह शनि के साथ दशम (कर्म स्थान) में योग (सम्बंध) बना रहे हैं। इसके अतिरिक्त दशम (कर्म) तथा एकादश (आय) स्थान के स्वामी एकादश स्थान में योग सम्बंध बना रहे हैं।

प्रधान मंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की कुण्डली में अनेक विशेषतायें तो हैं ही, एक यह विशेषता भी दिखाई देती है कि, यह देश के लिये विदेशों से आधुनिक आर्थिक सम्पन्नता के लिये व्यापारिक रिश्ते बखूबी मजबूत बना रहे हैं।

इनकी कुण्डली के ग्यारहवें स्थान का स्वामी ग्रह बुध एक व्यापारी ग्रह है, जो राजनीति के कारक ग्रह सूर्य के साथ युति सम्बंध बना रहा है, यह एक सुन्दर व मजबूत योग है, तथा इसका प्रभाव वर्तमान समय में दिखाई भी दे रहा है। यह व्यापारिक सम्बंध चन्द्रमा (भाग्येश) की महादशा में शनि की अंतरदशा (फरवरी 2016 से सितम्बर 2016 तक) और मजबूत होंगे। सितम्बर 2016 से फरवरी 2019 के मध्य चन्द्रमा में बुध का अंतर होगा, इस अवधि में यह रिश्ते चौगुना मजबूती के साथ आगे बढ़ेंगे।

परंतु ध्यान रखना होगा कि इस के बाद फरवरी 2019 से सितम्बर 2019 के मध्य चन्द्रमा की महादशा में केतु का अंतर होगा। इस समय दशमेश सूर्य तथा एकादशेश बुध के साथ में केतु अतिचतुर (कैम्युनिस्ट) ग्रह भी अपनी उपस्थिति दर्शा रहा है। यह ग्रह कहीं कोई बना-बनाया खेल न बिगाड़ दे। इस अवधि में ऐसी विचारधारा व ऐसे देश से सावधान रहने की आवश्यकता होगी।

इस समय के उपरांत सितम्बर 2019 से मई 2021 के मध्य जब चन्द्रमा में शुक्र का अंतर तथा मई 2021 से नवम्बर 2021 तक चन्द्रमा में सूर्य का अंतर रहेगा, इस समय श्री नरेन्द्र मोदी(Narendra Modi) देश को आगे ले जाने के लिये सैकड़ों गुना आर्थिक समृद्धि का सपना पूरा कर सकते हैं।

मेरी राय में 2019 के लोकसभा चुनाव सितम्बर 2019 से पहले नहीं करवाने चाहियें। इस समय में भी केतु (कैम्युनिस्ट) ग्रह अपनी उपस्थिति दिखा रहा है, जिससे सावधान रहना होगा।